प्रयागराज। सरस्वती विद्या मंदिर इण्टर कॉलेज, सर्वोदय नगर में 'मातृभारती संगठन' के गठन एवं दायित्व बोध हेतु एक विशेष कार्यक्रम का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजन एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ । कार्यक्रम में बच्चों के सर्वांगीण विकास, उत्तम संस्कार निर्माण और उसमें मातृशक्ति की सहभागिता पर गहन मंथन किया गया। इस अवसर पर आगामी सत्र के लिए संगठन की नई कार्यकारिणी की विधिवत घोषणा भी की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता *उषा जी* ने की। मुख्य अतिथि के रूप में *सीमा जायसवाल जी* उपस्थित रहीं, जिनका सहयोग *सीमा गुप्ता, सुमन जी, नीलम गुप्ता जी एवं सुनीता मिश्रा जी* ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत में *सीमा जायसवाल जी* ने संगठन की प्रस्ताविकी प्रस्तुत करते हुए इसके महत्व को रेखांकित किया।
मुख्य वक्ता *उषा दीदी जी* ने उपस्थित मातृशक्ति का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि बालक की प्रथम गुरु माता होती है। उन्होंने विस्तार से प्रकाश डाला कि 'मातृभारती संगठन' का गठन क्यों आवश्यक है और बच्चों के नैतिक व मानसिक विकास में माताओं के क्या महत्वपूर्ण दायित्व हैं।
*सर्वसम्मति से चुनी गई नई कार्यकारिणी*
कार्यक्रम के अगले चरण में नए सत्र के पदाधिकारियों के नामों की घोषणा की गई। नई कार्यकारिणी में *उषा दीदी जी* को संयोजिका, *सुधा सिंह* को अध्यक्ष तथा *अंजनी पाण्डेय* को उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया। इसके साथ ही *खुशबू सिंह* को सचिव, *गुड़िया सिंह* को सह-सचिव, *प्रीति सिंह* को मंत्री व *तृप्ति पाण्डेय* को सह-मंत्री का दायित्व सौंपा गया। *सीमा जायसवाल* को शैक्षिक प्रमुख की जिम्मेदारी दी गई।
इस विशेष अवसर पर विद्यालय समिति के अध्यक्ष *सुरेश चन्द्र तिवारी* और उपाध्यक्ष *ज्योति सिंह* भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने नवनियुक्त पदाधिकारियों को माला पहनाकर बधाई दी और उनके सफल कार्यकाल की कामना की। कार्यक्रम के सफल समापन पर *ज्योति सिंह जी* द्वारा आए हुए सभी अतिथियों, प्रबुद्ध जनों और मातृशक्ति का हृदय से आभार व्यक्त किया गया।
No comments:
Post a Comment