ब्रेकिंग न्यूज़ सिद्धार्थनगर
प्रवीण दूबे
ब्यूरो चीफ गोरखपुर
जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में खून की मांग करते हुए सचिन शुक्ल। संवाद
जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में खून की मांग करते हुए सचिन शुक्ल। सं
- ब्लड बैंक में 18 यूनिट रक्त में 12 ओ पॉजिटिव
- रक्तदान नहीं होने से हुई कमी
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबंध संयुक्त जिला अस्पताल में खून की कमी के कारण ऑपरेशन टालने की नौबत आ रही है। गंभीर मरीजों की जान बचाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। जिन मरीजों को खून की जरूरत पड़ रही है, उन्हें संबंधित ग्रुप के रक्तदाता की तलाश करनी पड़ रही है।
ब्लड बैंक में रविवार को मात्र 18 यूनिट रक्त बचा था, इसमें ओ पॉजिटिव ग्रुप 12 यूनिट था। ऐसी स्थिति इस कारण हुई कि फरवरी में एक भी रक्तदान शिविर का आयोजन नहीं हुआ, जबकि गंभीर मरीजों को बचाने के लिए बिना रक्तदाता के खून दिया गया। अब मरीज की तबीयत गंभीर हो रही है तो ब्लड बैंक के अधिकारी कर्मचारी संबंधित ग्रुप के रक्तदाता बुलाने का सुझाव दे रहे हैं।
जिला अस्पताल में ए पॉजिटिव ग्रुप के दो, बी निगेटिव के ग्रुप के दो, एबी पॉजिटिव ग्रुप का एक, ओ पॉजिटिव ग्रुप के 12 और ओ निगेटिव का ग्रुप का एक यूनिट रक्त उपलब्ध है। ए निगेटिव, बी पॉजिटिव, एबी निगेटिव ग्रुप का एक भी यूनिट खून नहीं है।
इस तरह हुई रक्त की कमी
फरवरी- दिया गया रक्त प्राप्त हुआ रक्त विवरण
18 - 14, 11, 3 यूनिट बिना रक्तदान
17- 7, 6, 1 यूनिट बिना रक्तदान
16- 5, 5,
15- 6, 5, 1 यूनिट बिना रक्तदान
14- 10, 8, 2 यूनिट बिना रक्तदान
13- 10, 12, 2 लोगों ने किया स्वेच्छिक रक्तदान
12- 4, 4 ,
11- 7, 7,
10- 13 10 3 यूनिट बिना रक्तदान
(रक्त यूनिट में)
जिला अस्पताल में मरीज को भर्ती कराया हूं। ऑपरेशन होना है, लेकिन शरीर में खून मात्र 7.7 ग्राम है। बी पॉजिटिव खून चाहिए, शनिवार को एक यूनिट खून मिला था, जिसके बाद मैंने खून दे दिया था, अब नहीं मिल रहा।
- सचिन शुक्ल, परिजन
मेरे रिश्तेदार शहर के निजी अस्पताल में भर्ती हैं। उनके कूल्हे की हड्डी टूट गई है। ऑपरेशन होना है। शनिवार रात 11 बजे एक यूनिट खून मिला, अब एबी निगेटिव ग्रुप नहीं है। संबंधित ग्रुप के रक्तदाता की तलाश कर रहा हूं।
- अखिलेश जायसवाल, सहयोगी
ब्लड बैंक में जल्द ही रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा। जब मरीज की जान खतरे में होती है तो बिना रक्तदान के ही आवंटित किया जाता है। इसके अलावा ब्लड बैंक से जितना रक्त चाहिए उतना रक्त देना पड़ता है।
- डॉ. एके झा, प्रभारी सीएमएस Siddharth Nagar
प्रवीण दूबे
ब्यूरो चीफ गोरखपुर

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