आगामी 'राजकीय मुड़िया पूनों मेला-2026' के सफल और शांतिपूर्ण आयोजन सुनिश्चित करने हेतु आज गोवर्धन के राधे श्याम सेवा सदन में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मेला ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों को भीड़ प्रबंधन, मानवीय संवेदनाओं और प्राथमिक चिकित्सा के प्रति जागरूक एवं सक्षम बनाना था।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मथुरा श्लोक कुमार ने पुलिसकर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि भीड़ को नियंत्रित करते समय वे पूर्ण संयम बरतें और मानवीय संवेदनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सुरेश चंद्र रावत ने अपने संबोधन में भीड़ को केवल 'नियंत्रित' (Control) करने के बजाय उसके उचित 'रेगुलेशन' (Regulation) पर बल दिए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
समाजशास्त्री डॉ. मधु त्यागी ने अपने उद्बोधन में पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया कि ड्यूटी के दौरान महिलाओं, बच्चों और वृद्ध जनों के प्रति विनम्र व्यवहार रखें। मनोवैज्ञानिक डॉ. पूनम तिवारी ने भीड़ के मनोविज्ञान को समझाते हुए कहा कि भीड़ में सैकड़ों लोग होते हैं, लेकिन मस्तिष्क एक होता है, अतः पुलिस को भीड़ में से अच्छे तत्वों को अलग कर स्थिति को संभालने की कला विकसित करनी चाहिए।
सुरक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवा के महत्व को समझते हुए चिकित्सक डॉ. नेहा चौधरी ने पुलिसकर्मियों को प्राथमिक चिकित्सा के आवश्यक उपायों के बारे में जानकारी दी। वहीं, चिकित्सक डॉ. अमित कश्यप ने सीपीआर (CPR) मेथाडोलॉजी की सैद्धांतिक जानकारी देने के साथ-साथ इसका लाइव डेमोंस्ट्रेशन देकर पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया।
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