छाता,,,,,,,,
पूरे छाता क्षेत्र में बेमौसम ओले के साथ आई बारिश किसानों पर कहर बन कर टूट पड़ी ,इस दौरान बारिश के साथ साथ ज्यादातर स्थानों पर ओले भी गिरे और तेजी से चली हवा ने किसान की फसलों को जमीन पर बिछा कर रख दिया, इस बेमौसम बारिश ने क्षेत्र के किसानों की फसलों में काफी नुकसान पहुंचाया दिया है।वही पूरे क्षेत्र में ज्यादातर ओले एवं तेज बारिश के पड़ने के कारण गेहूं की फसल जलमग्न हुई पड़ी है ,
बादलों की आंखमिचौली के बीच शुरू हुई बारिश लगातार जारी रही।
छाता क्षेत्र में ओलो के साथ आई बारिश किसानों की आंखों में आंसू दे गई।
कारण कि इन दिनों फसलों के लिए मामूली बारिश भी नुकसानदायक है। अब जबकि गेंहू की फसल पककर तैयार है, और मंडियों में जाने वाली है, ऐसे में बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी।
तहसील छाता के दर्जनों गाँवो खायरा, भदावल, बरका, कामर ,जाव, तूमोला, गौहारी,अलवाई, रनवारी, उमराया ,नरी, रहेड़ा, ब्रिजा नगला, सेमरी, भदावल ,खानपुर, करहला, पिसावा, आदि गांवों में पकी हुई खड़ी गेहूँ की फसल जमीन पर बिछ गई।
अनुमान है कि ओलो के साथ हुई बारिश के कारण तहसील छाता में करीब सैकड़ों एकड़ फसल प्रभावित है।
मीडिया ने गांव अलवाई के पीड़ित किसान भाइयों से जब उनके गांव में जाकर बर्बाद हुई फसल के सम्बंध में बातचीत की तो किसानों ने अपना दर्द इस तरह से बयां किया।
जरा आप भी सुनिये।
इस संबंध में तहसील छाता के गाँव अलवाई के दिनेश,पूरन, देवीराम, सुरेश ,नवल सिंह ,गंगाराम, जगदीश मोहन,हुकम सिंह ,रघुवीर ,श्याम ,वीर सिंह, ,राधा रमन, करन सिंह , ,वीरपाल , जयपाल, राजपाल ,छंगा पंडित, भगबत, शंकर सिंह प्रधान, रमेश प्रधान,बृजगोपाल प्रधान आदि किसानों ने प्रशासन एवं बीमा कंपनी से जल्द से जल्द किसान हित में सर्वे कराकर फसल का उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
बाइट,,,,,, पीड़ित किसान भाई।
जनपद मथुरा तहसील छाता से दिनेश जादौन

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