माघ मेले में मौनी अमावस्या के मुख्य स्नान पर्व पर शाम 6:00 बजे तक 2 करोड़ 9लाख लोगों ने आस्था से परिपूर्ण होकर स्नान किया। मेला क्षेत्र में आए हुए श्रद्धालुओं, संतो और कल्प वासियों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा करी गई।
हजारों किलोमीटर दूर से साइबेरियन पक्षी यहां स्नान करने के लिए आते हैं, और लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इनको देखकर आनंद की अनुभूति होती है खासकर बच्चों को। कोविड-19 को देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग नें जगह जगह कोविड-19 का स्टाल भी लगाया है मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा ना हो इस को ध्यान में रखकर वरिष्ठ अधिकारीगण देर रात से मेला क्षेत्र में रहकर सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित कराते रहे,एवं विभिन्न सेक्टरों और स्नान घाटों पर तमाम व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे। इस पुण्य तीर्थ स्थल पर आए हुए श्रद्धालु श्री डंडा गुरुजी से माघ के महीने के महत्व को आइए अब सुनते हैं।


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