*रिपोर्ट राजेश कुमार यादव*
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*लखनऊ:*
उत्तर प्रदेश में मुजफ्फरनगर जिले की खतौली सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक विक्रम सैनी की सदस्यता विधानसभा से रद्द कर दी गई है। आपको बता दें कि करीब 15 दिन पहले विक्रम सैनी को मुजफ्फरनगर दंगों के लिए दोषी ठहराया गया था। उन्हें मुजफ्फरनगर की अदालत ने 2 साल की सजा सुनाई थी। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत 2 वर्ष या इससे अधिक वक्त की सजा पाने वाले सांसद, विधायकों और विधान परिषद सदस्यों की सदस्यता सदन से समाप्त करने का प्रावधान है। इसी प्रावधान के तहत यूपी विधानसभा के स्पीकर सतीश महाना ने विक्रम सैनी की सदस्यता रद्द कर दी है। आपको बता दें कि रामपुर से विधायक और समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता मोहम्मद आजम खान की सदस्यता भी पिछले सप्ताह रद्द की गई है।
*खतौली विधानसभा सीट रिक्त घोषित होगी, आयोग करवाएगा चुनाव*
खतौली विधानसभा सीट को रिक्त घोषित कर दिया जाएगा। जल्दी इसकी अधिसूचना और आदेश की प्रतिलिपि उत्तर प्रदेश विधानसभा से भारत निर्वाचन आयोग को भेजी जाएगी। भारत निर्वाचन आयोग जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत मिली शक्तियों का उपयोग करते हुए अगले 6 महीने के दौरान खतौली विधानसभा सीट पर चुनाव करवाएगा। दूसरी ओर अयोग्य घोषित हुए विधायक विक्रम सैनी 8 वर्षों तक कोई भी चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हो गए हैं। दरअसल, कानून में प्रावधान है कि सांसद और विधायकों को 2 वर्ष या इससे ज्यादा जितनी सजा मिलेगी उससे अगले 6 वर्षों तक उन्हें अयोग्य माना जाएगा। विक्रम सैनी को 2 वर्ष की सजा हुई है। उनकी योग्यता 8 वर्ष की रहेगी।
*मुजफ्फरनगर दंगों में 'हेट स्पीच' के लिए सजा दी गई*
साल 2013 में उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में सांप्रदायिक दंगे हुए थे। इन दंगों की शुरुआत खतौली विधानसभा क्षेत्र के गांव कवाल से हुई थी। विक्रम सैनी कवाल गांव के ही मूल निवासी हैं। विक्रम पर दंगे भड़काने का आरोप लगा। उनके खिलाफ पुलिस ने संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। जिसके लिए विक्रम सैनी को कई महीने जेल में रहना पड़ा था। एक मामले में विक्रम सैनी के खिलाफ पुलिस में भड़काऊ भाषण देने का आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया। मुजफ्फरनगर जिला न्यायालय ने विक्रम सैनी को भड़काऊ भाषण देने का दोषी मानते हुए पिछले महीने 2 साल की सजा सुनाई।

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