VaranAsi : कोरोना महामारी ने लोगों के आजीविका को बुरी तरह प्रभावित किया है और लोगों के सामने परिवार के पालन पोषण की गम्भीर समस्या बनी हुई है। ऐसे में सहयोग और प्रोत्साहन के द्वारा सहारा बने है युवा किशन पाण्डेय और ये सिद्ध कर रहे है कि पीड़ित लाचार के सहयोग के लिए साधन समपन्न होना या अनुभवी होना आवश्यक नही। आज जब लाकडाउन खुलने की ओर बढ़ चला है, वो अब भी पीड़ितों के सहयोगी का दायित्व निभा रहे हैं और सोमवार को भी अपने आय का एक सम्यक विभाग कर के द्वारा सारनाथ क्षेत्र के लाचार लोगों का सहयोग किया ।
__किशन पाण्डेय ने बताया कि_, लाकडाउन के दौरान मैनें देखा ऐसे बहुत से परिवार थे, जो एक एक वक्त के भोजन के लिए परेशान थे पर अपनी सामाजिक सम्मान को बनाये रखने के लिए खाली पेट रहकर दिन गुजारने को मजबूर थे। वो लोंग जिनके सहारे चार परिवारों का चूल्हा जलता था, उस वक्त अपने परिवार के पेट की आग बुझाने के लिए बेबस थे ।
__उन्होने बताया कि_, कैन्ट स्टेशन / दशाश्वमेध / लंका / सारनाथ सहित शहर के विविध क्षेत्रों में भोजन के पैकेट वितरण के दौरान ऐसे कुछ लोगों की जानकारी सहयोगी एवं मित्रों के माध्यम से हुई तो एहसास हुआ उनकी बेबसी का और तब से ही अपनी आमदनी का एक भाग सामाजिक उत्तर दायित्व कर के रूप में लगाता हूँ और अब तो मेरे मित्र और सहयोगी भी अंशदान करने लगे हैं ।
सूच्य हो कि किशन पांडेय भोजपुरी और साउथ के फिल्म जगत से जुड़े हुए है

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