*एरवाकटरा,औरैया।* जिलाधिकारी के आदेशानुसार निष्क्रिय आशाओं पर हो सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिये गये। विगत दिवस निगम आशा देवी ने 9 महीने का मानदेय ना मिलने पर विभाग के अधिकारियों पर आरोप लगाया था। उन आरोपों का खंडन करते हुए सोमवार को एरवाकटरा अधीक्षक मोहित यादव ने बताया कि आशा निगम देवी के द्वारा सरकार के द्वारा क्रियान्वित योजनाओं का लाभ अपने क्षेत्र में नहीं पहुंचा पाया। उन्होंने बताया हाई रिस्क प्रेगनेंसी, प्रधानमंत्री परिवार नियोजन जैसी योजनाओं की जानकारी का परिणाम इनके क्षेत्र में जीरो है। जिसके चलते जो निष्क्रिय आशाएं हैं। उनका मानदेय रोक दिया गया है। जिलाधिकारी ने आयोजित मीटिंग में जिले के प्रत्येक अधीक्षक से निष्क्रिय आशाओं की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने कड़े शब्दों में कहा कोई भी कर्मचारी चाहे वह आशा हो या स्वास्थ्य कर्मी किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा, और उन कर्मियों के ऊपर सख्त से सख्त कार्यवाही की जाएगी। जिसके चलते अधीक्षक ने बताया कि कुल आशा 176 है। जिसमें चार आशाएं निष्क्रिय पाई गई। उन आशाओं के खिलाफ कार्यवाही करते हुए उनका मानदेय रोका गया।
कोविड के चलते कुछ आशाओं का मानदेय देने में देरी हुई जिसको 3- 4 दिन मे करा दिया जाएगा। अधीक्षक ने यह भी जानकारी दी कि सरकार के द्वारा जो भी योजना आती है उस योजना के आधार पर आशाओं का मानदेय तय होता है। अधीक्षक ने दैनिक सत्ता पेपर के संवादाता (अंकुर गुप्ता) के माध्यम से सभी स्वास्थ्य कर्मी एवं आशाओं को यह संदेश दिया है, कि जो भी अपनी जिम्मेदारियों के प्रति लापरवाह पाया गया, तो उसके ऊपर विभाग के द्वारा सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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